सर्दियों में सरसों के तेल का उपयोग खाने में करें या दवा के रूप में यह बहुत फायदेमंद साबित होता है। सरसों तेल में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो ऐसे पोषक तत्व हैं जो हमारी सेहत, बाल और त्वचा आदि पर जादुई असर छोड़ते हैं। इसलिए सरसों के तेल का उपयोग प्राचीन समय से ही खाने व शरीर पर लगाने में भी किया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सरसों का तेल बहुत ही अच्छे पेनकिलर की तरह भी काम करता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं सरसों के तेल के कुछ ऐसे ही नुस्खों के बारे में जो बहुत उपयोगी व रामबाण माने जाते हैं..... - सरसों के तेल में दर्दनाशक गुण हैं, यदि कान का दर्द सताए तो दो बूंद गुनगुना सरसों का तेल कान में टपकाएं, चाहे तो इसमें दो चार कलियां लहसुन की भी मिला सकते हैं। - सरसों का तेल सौंदर्यवर्धक भी है, रूप सौंदर्य निखारने के लिए गौरा रंग चाहने वाले बेसन पीसी हल्दी में सरसो का तेल डालकर लगाएं। -सरसों का तेल दिल को चुस्त-दुरुस्त रखता है, कुछ समय पूर्व एम्स, हावर्ड स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस तथा सेंट जॉन मेडिकल कॉलेज में एक साथ शोध की गई जिससे पता चला कि सरसों का तेल खाने वाले 71 प्रतिशत लोगों को दिल की बीमारी नहीं हुई। - यदि गठिया से परेशान हों तो सरसों के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करने से दर्द में राहत मिलती है। - यदि कमर दर्द हो तो सरसों के तेल में थोड़ी हींग, अजवाइन और लहसुन मिलाकर गर्म कर लें और उसे कमर पर लगाएं, पिंडलियों का दर्द हो तो सरसो के तेल को गुनगुना करके मालिश करना चाहिए। - नवजात शिशु और प्रसूता दोनों की मालिश करने के लिए सरसों का तेल सबसे अच्छा रहता है। सरसों के तेल से मालिश करने के बाद नहाने से शिशु को सर्दी होने का खतरा नहीं रहता, अपितु यदि बच्चे का सर्दी लग गई हो तो सरसों के तेल से मालिश करने से दूर हो जाती है। - चर्मरोगों में भी सरसों का तेल लाभदाक है इसके तेल में आक पत्तों का रस और थोड़ी सी पीसी हल्दी मिलाकर गर्म करके ठंडा होने पर लगाने से दाद, खाज, खुजली आदि नाश होता है। सरसों का तेल पाइरिया मिटाने वाला है। इसमें सेंधा नमक मिलाकर दांतों और मसूड़ों पर लगाना चाहिए। - यदि चेहरे पर कील मुंहासे, झाइयां, झुर्रियां हो तो सरसों का तेल बड़े काम की चीज है सरसों के तेल से मालिश करने से शरीर पर झुर्रियां नहीं पड़ती। - सरसों के तेल में थोड़ा हिना पाउडर मिलाकर कुछ देर उबालकर छानकर बालों में लगाने से बाल झडऩा कम हो जाते हैं। - सरसों के तेल से मालिश करने पर खून बढ़ता है। शरीर में चुस्ती-स्फूर्ति आती है। इससे शारीरिक थकान भी दूर होती है। रिफार्इन्ड, डबल रिफार्इन्ड और सोयाबीन तेल का प्रयोग भोजन में करना हानिकारक है उसके स्थान पर मूंगफली, तिल, सरसों आदि का घानी (कोल्हू) वाला तेल ही प्रयोग करें।
बुधवार, 18 दिसंबर 2013
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