गुरुवार, 22 मई 2014


भारत की खेती को बर्बाद करने के लिए अंग्रेजो ने पहली सर्वे कराया की भरत के खेती को कैसे बर्बाद किया जाये ! अंग्रेजो ने जब सर्वे करा तो उनको एक बात पता चला कि भारत क किसान जो खेती करता है उसका केन्द्र बिन्दु है गाय !और उसका केन्द्र बिन्दु है बैल ! बैल गाय के बछड़े होते है !बछड़े बैल बनते है बेलों से खेत जोते जाते है फ़िर गाय दूध देती है किसान ढूध पिता है उसमे से शक्ति आती है तो खेतो मै मेंहनत करता है गाय गोबर देती है उस गोबर का खाद बनता है खाद मै ड़ालता है और खेत की शक्ति बढ़ता है गाय मूत्र देतीं है मूत्र को किसान कीटनाश्क के रूप मै प्रयोग मै लाता है तो गाय जो है वो भारतीय कृषि व्यवस्था के केन्द्र मै है !यह अंग्रेजो कि सरकार को पता चला तो अंग्रेज़ो ने एक कानून बनाकर भारत मै गाय का कत्ल करवाना आराम्भ किया तो १७६० मे इस देश मे अंग्रेज़ो के आदेश पर गाय का कत्ल होना शुरु हो गया ! कुछ लोगो को ऐसा लगता है और वो लोग कहते भी है कि राजीव भाई अंग्रेजो से पहले भी तो मुसलमान राजा थे ! वो भी तो गाय कत्ल करवाते थे ! मै आपको जानकारी देना चाहता हू कि एक -दो मुसलमान राजाओ को छोङ कर, भारत मै किसी भि राजा ने गाय क़ा कत्ल नही करवाया ! मुसलमानो के राजाओं के ज़माने मै तो भारत मै एस कानून रहा है कि जो गाय का कत्ल करे उसको फ़ासी कि सज़ा दी जाए ! यह अंग्रेज थे जिन्होने गाय कत्ल कारवाने के लिए व्यवस्थित रुप से कानून बनवा दिया और सन १७६० से भारत मई गाय का कत्ल करवाना अंग्रेजो ने शुरु किया !
गाय का कत्ल करवाते तो अंग्रेजो को दो फायदे होते थे ! एक तो भारत के किसान जो सबसे बड़ा पशुधन था गाय ! वो खत्म होत था ! गाय मरती थे तो दूध कम होता था ! गाय मरती थी तो गोबर कम होता था ! गोबर कम होता था ! गोबर कम होता था तो खाद कम होती थी ! गाय मरती थी तो मूत्र नहीं मिलता था ! किसानो के लिए जो कीटनासक दवायें बनतीं थीं उसमेँ कमी आती थी ! गाय का दूध नहीं मिलता था तो किसानोँ की शक्ति कम होती थी ! तो लगातार गाय के कत्ल होते चले जाने के कारण भारत की खेती का भी नाश होना शुरु हो गया और अंग्रेजो ने बहुत ही व्यवस्थित तरीके से इस देश मै कत्ल कारखानें खुलवाये !अंग्रेजो कि सरकार ने पुरे देश मै लगभग ३०० से ज्यादा कत्ल कारखाने खुलवाये ! जिनमे गाय और गौवंस का कत्ल किया जाता था ! हजारो कि संख्या मै लाखोँ कि संख्या मै गाय और गौवंश का कत्ल होता था

सोमवार, 19 मई 2014

ये कैसा लोकतंत्र है जहा जिसने कभी खेत में हल नहीं चलाया वो कृषि मंत्री बन जाता है ।
जिसे अपने गाव की सीमा का ज्ञान नहीं जिसने कभी SLR देखी नहीं वो रक्षा मंत्री बन जाता है ।
क्या वर्तमान सरकार अन्य सरकारों की भांति अपनी पार्टी की सुरक्षा के लिए देश की सुरक्षा को दाव पर लगा देगी ?
यदि ऐसा दौर मंत्रिमंडल के गठन हेतु चल रहा है तो हमें ऐसे अच्छे दिन मंजूर नहीं है मोदी जी ।
आपने महात्मा गाँधी जी के कांग्रेस मुक्त भारत के सपने को साकार कर दिया परन्तु आजादी के आन्दोलन के ब्रह्मास्त्र स्वदेशी का प्रत्यक्ष रूप से नाम लेने से भी बचते हो ।
जब भारत के परधानमंत्री को जनता ने चुना है तो क्या भारत का वित्त मंत्री वाणिज्य मंत्री ,गृहमंत्री ,विदेशमंत्री ,कृषि मंत्री ,रक्षामंत्री बहुराष्ट्रीय कंपनिया IMF और WORLD BANK के दबाव में तय करंगे वर्तमान राजनीती में कई व्यक्ति ऐसे है जो बहुराष्ट्रीय कंपनियो के हर षड़यंत्र से वाकिफ है
और वो डटकर मुकाबला कर सकते है । पर उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलेगी ।
और ना ही ये पद की लालसा रखते है रही बात अनुभव की तो क्या आप को श्रेष्ठ भारतीय जैसा इमानदार देश भक्त और अनुभवी कोई अन्य व्यक्ति भाजपा में नज़र आता है क्या जो रक्षा मंत्री का पदभार संभाल सके ?
अब हमें दबाव डालना होगा ।
और स्वदेशी के प्रखर पक्षधर नेतृत्व को मंत्रिमंडल में शामिल करने हेतु दबाव बनाने की जरूरत है ।
मै यदि गलत हूँ तो मार्गदर्शन करे और यदि सही तो इस विचार को को आन्दोलन के रूप में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुचाये ।

भारी बारिश के बाद भारी भीड़ इकठ्ठा हुई सनम लुआंग , रॉयल मैदान में  वैसे  कुछ लोग राजा की एक झलक पाने के लिए उत्साहित थी पर अधिकाँश भीड़ मैदान के चारो ऒर मुख्या घटना को देखने के लिए खड़ी थी - शाही जुताई समारोह ( Royal Ploughing Ceremony ).यह समारोह अच्छी फसल सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।  जुताई समारोह महात्मा बुद्ध से भी पहले , 2500 साल पहले से आयोजित किया जाता है।  इस समारोह की तारीख ब्राह्मण ज्योतिसियो द्वारा सुनिश्चित की जाती है।  थाईलैंड अब भी कृषि प्रधान देश है , आधी से ज्यादा थाईलैंड की जनता कृषि पर ही निर्भर है। जुताई समारोह किसानो का मनोबल बढ़ने के लिए की जाती है , और वर्ष भर की फसल उत्पादन की भविस्यवाणी भी करी जाती है।  इस समारोह को रक ना क्वान कहा जाता है - मतलब पहली शुभ जुताई।  हालांकि राजा और शाही परिवार मौजूद होते है पर समारोह (2013 ) के प्रमुख है दो सफ़ेद बैल - प्र को फाह और प्र को साईं।  राजा की उम्र ज्यादा है इसलिए वो एक मुखिया बनाता है जो पुरे जुलूस के साथ खेत जोतता है।  जुलूस का नेतृत्व ब्राह्मणो द्वारा किया जाता है।  बैलो को सुन्दर कपड़ो गहनो से सजाया जाता है।  ब्राह्मण खेत में पानी और बीज छिड़कता है।  उसके बाद बैल खेत को तीन बार और जोतते है। उसके बाद बैल जो खाना पसंद करता है उसके हिसाब से ब्राह्मण साल की उपज की भविस्य वाणी करता है


रविवार, 18 मई 2014


युवाओं का कमाल : 15 हजार में बना ली हवा से चलने वाली बाइक
गोहियां के सर छोटू राम पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रों ने नया आविष्कार करते हुए लगभग पंद्रह हजार की लागत से हवा से चलने वाली बाइक बनाई है।
पेट्रोल या डीजल खर्च न होने के कारण इस बाइक को सामान्य वर्ग के अलावा गरीब तबके के लोग भी चला सकेंगे। इस बाइक को हवा के दबाव से ताकत मिलती है। इसके लिए बाइक में एक गैस सिलेंडर लगाया गया है।
पंद्रह हजार लागत
पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिसिंपल ने बताया कि कॉलेज मैनेजमेंट द्वारा विद्यार्थियों के आविष्कार के लिए पांच हजार रुपए में एक कंडम बाइक खरीदा गया था और इसे चालू करने के लिए लगभग सात से आठ हजार रुपए खर्च किए गए हैं। हवा से चलने वाली यह बाइक लगभग 15 हजार की लागत से तैयार हो गई है।
होगी पैसों की काफी बचत
मैकेनिकल ट्रेड के छात्र अमरेंद्र, नीरज, शुक्रदीन, राजेश विशवकर्मा व कृष्ण चौधरी द्वारा बनाए गए एयर प्रेशर बाइक के बारे में जानकारी देते हुए प्रिसिंपल मुकेश शर्मा ने बताया कि इस बाइक को बिना पेट्रोल और डीजल के चलाया जा सकेगा। बाइक के ऊपर मात्र हवा का सिलेंडर रखवाया जाएगा। हवा से चलने वाली इस बाइक से पेट्रोल/डीजल की बचत होने के अलावा पैसे की भी भारी बचत हो सकेगी।

शनिवार, 17 मई 2014

Low Cholostrol, low Saturated Fat, High fiber Yogic diets
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Early morning: 1 tsp soaked methi seeds with two almonds (soaked)/ two walnuts
Breakfast: Herbal tea-1 big cup (200 ml) Milk -150 ml + water-50 ml, with giger + mint
leaves+lemon grass, 1 bowl daliya or 1 bowl poha
Mid morning: 1 fruit (100 gms)
Lunch : 1 bowl unpolished rice, 2 medium-sized chapatti (without oil), 1 bowl whole green
gram (moong) usal / dal, 1 bowl vegetables with gravy, 1 big bowl salad, 1/2 cup
curd / buttermilk
Snacks: 1 big cup herbal tea, 2 idlis with sambhar, or two small methi theplas Mid evening:
1 glass buttermilk (100 gms) with 1bowl roasted chana/sprouts
Dinner: 1 bowl unpolished rice, 1 bowl sprouted moong usal/dal,
2 medium-sized chapattis without oil, 1 bowl vegetables, 1 big bowl salad
Bedtime: 1 cup milk (150ml) or herbal tea

शनिवार, 10 मई 2014

पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर करता है-
खरबूजा कब्ज की समस्या दूर करता है। अगर आप पाचन की समस्या से जूझ रहे हैं, तो खरबूजा खाइए। खरबूजे में मौजूद पानी की मात्रा भोजन के पाचन में सहायक होती है। इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर कर पाचन प्रक्रिया दुरुस्त कर देते हैं।

चेहरा चमकने लगता है-
स्किन में कनेक्टिव टिशू पाए जाते हैं। खरबूजे में पाया जाने वाले कोलाजन प्रोटीन इन कनेक्टिव टिशू में कोशिका की संरचना को बनाए रखता है। कोलाजन से जख्म भी जल्दी ठीक होते हैं और त्वचा को मजबूती मिलती है। अगर आप लगातार खरबूजा खाएंगे तो चेहरा चमकने लगेगा।

किडनी को स्वस्थ बनाए रखता है-
खूरबूजे में डाइयुरेटिक (मूत्रवर्धक) क्षमता काफी अच्छी होती है। इस कारण इससे किडनी की बीमारियां ठीक होती हैं और यह एक्जिमा को कम करता है। अगर खरबूजे में नींबू मिलाकर इसका सेवन किया जाए तो इससे गठिया की बीमारी भी ठीक हो सकती है।

ऊर्जा को बढ़ाता है-
खरबूजे में विटामिन बी पाया जाता है। यह शरीर में ऊर्जा के निर्माण में सहायक होता है। शुगर और कार्बोहाइड्रेट को संसाधित करने में यह ऊर्जा शरीर के लिए आवश्यक होती है।

वजन कम करने में होता है मददगार
जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें गर्मी में रोज खरबूजे का सेवन करना चाहिए। इसमें काफी कम मात्रा में सोडियम पाया जाता है। साथ ही, यह फैट और कोलेस्ट्रोल से भी मुक्त होता है। इसमें कम मात्रा में कैलोरी होती है। एक कप खरबूजे में सिर्फ 48 कैलोरी ऊर्जा होती है। इसीलिए यह बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में काफी मददगार होता है।

आंखों को स्वस्थ बनाता है-
खरबूजे में विटामिन ए बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। साथ ही, इसमें बीटा-केरोटीन भी पाया जाता है। इसीलिए इसके नियमित सेवन से आंखें स्वस्थ रहती हैं और आंखों से जुड़ा कोई रोग परेशान नहीं करता है।

तनाव से मुक्ति दिलाता है-
खरबूजे में काफी मात्रा में पोटैशियम मौजूद होता है। पोटेशियम दिल को सामान्य रूप से धड़कने में मदद करता है, जिससे मस्तिष्क में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है और तनाव से भी मुक्ति मिलती है।

डायबिटीज में भी है फायदेमंद-
डायबिटीज के रोगियों के लिए खरबूजा बहुत फायदेमंद होता है। माना जाता है कि जो डायबिटीज रोगी गर्मी में रोज एक गिलास खरबूजे का जूस लेते हैं, उनका कोलेस्ट्राल हमेशा कंट्रोल में रहता है।
किसी कारण पूरी post नहीं पढ़ सकते तो यहाँ click कर देखे !
http://www.youtube.com/watch?v=pWfljrsaBGM
सबसे पहले कुछ परहेज !

मित्रो जिसको भी शरीर मे पथरी है वो चुना कभी ना खाएं ! (काफी लोग पान मे डाल कर खा जाते हैं )
क्योंकि पथरी होने का मुख्य कारण आपके शरीर मे अधिक मात्रा मे कैलशियम का होना है | मतलब जिनके शरीर मे पथरी हुई है उनके शरीर मे जरुरत से अधिक मात्रा मे कैलशियम है लेकिन वो शरीर मे पच नहीं रहा है वो अलग बात हे| इसलिए आप चुना खाना बंद कर दीजिए|

आयुर्वेदिक इलाज !
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पखानबेद नाम का एक पौधा होता है ! उसे पथरचट भी कुछ लोग बोलते है ! उसके 10 पत्तों को 1 से डेड गिलास पानी मे उबाल कर काढ़ा बना ले ! मात्र 7 से 15 दिन मे पूरी पथरी खत्म !! और कई बार तो इससे भी जल्दी खत्म हो जाती !!! आप दिन मे 3 बार पत्ते 3 पत्ते सीधे भी खा सकते हैं !

होमियोपेथी इलाज !
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अब होमियोपेथी मे एक दवा है ! वो आपको किसी भी होमियोपेथी के दुकान पर मिलेगी उसका नाम हे BERBERIS VULGARIS ये दवा के आगे लिखना है MOTHER TINCHER ! ये उसकी पोटेंसी हे|
वो दुकान वाला समझ जायेगा| यह दवा होमियोपेथी की दुकान से ले आइये| (स्वदेशी कंपनी SBL की बढ़िया असर करती है )

(ये BERBERIS VULGARIS दवा भी पथरचट नाम के पोधे से बनी है बस फर्क इतना है ये dilutions form मे हैं पथरचट पोधे का botanical name BERBERIS VULGARIS ही है )

अब इस दवा की 10-15 बूंदों को एक चौथाई (1/
4) कप गुण गुने पानी मे मिलाकर दिन मे चार बार (सुबह,दोपहर,शाम और रात) लेना है | चार बार अधिक से अधिक और कमसे कम तीन बार|इसको लगातार एक से डेढ़ महीने तक लेना है कभी कभी दो महीने भी लग जाते है |

इससे जीतने भी stone है ,कही भी हो गोलब्लेडर gall bladder )मे हो या फिर किडनी मे हो,या युनिद्रा के आसपास हो,या फिर मुत्रपिंड मे हो| वो सभी स्टोन को पिगलाकर ये निकाल देता हे|

99% केस मे डेढ़ से दो महीने मे ही सब टूट कर निकाल देता हे कभी कभी हो सकता हे तीन महीने भी हो सकता हे लेना पड़े|तो आप दो महीने बाद सोनोग्राफी करवा लीजिए आपको पता चल जायेगा कितना टूट गया है कितना रह गया है | अगर रह गया हहै तो थोड़े दिन और ले लीजिए|यह दवा का साइड इफेक्ट नहीं है |

और यही दवा से पित की पथरी (gallbladder stones ) भी ठीक हो जाती है ! जिसे आधुनिक डाक्टर पित का कैंसर बोल देते हैं !
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ये तो हुआ जब stone टूट के निकल गया अब दोबारा भविष्य मे यह ना बने उसके लिए क्या??? क्योंकि कई लोगो को बार बार पथरी होती है |एक बार stone टूट के निकल गया अब कभी दोबारा नहीं आना चाहिए इसके लिए क्या ???

इसके लिए एक और होमियोपेथी मे दवा है CHINA 1000|
प्रवाही स्वरुप की इस दवा के एक ही दिन सुबह-दोपहर-शाम मे दो-दो बूंद सीधे जीभ पर डाल दीजिए|सिर्फ एक ही दिन मे तीन बार ले लीजिए फिर भविष्य मे कभी भी स्टोन नहीं बनेगा|

और एक बात इस BERBERIS VULGARIS से पीलिया jaundice भी ठीक होता है !

आपने पूरी post पढ़ी बहुत बहुत धन्यवाद !!
एक बार यहाँ जरूर click करे !

http://www.youtube.com/watch?v=pWfljrsaBGM

अमर शहीद राजीव दीक्षित जी की जय !

वन्देमातरम !!

गुरुवार, 8 मई 2014

मित्रो, महाकुम्भ को हावर्ड विश्वविद्यालय ने केस स्टडी के शामिल किया है,
हावर्ड जानना चाहता है कि आखिर सनातन/हिंदुत्व में ऐसी क्या खास बात है कि पूरी दुनिया के लोग हिंदुत्व के तरफ आशा भरी नजरो से देख रहे हैं ..

एकमात्र सनातन/हिंदुत्व ऐसा धर्म जिसके कोई प्रणेता नही, कोई एक किताब नहीं, फिर भी ये धर्म विश्व का सबसे पुराना धर्म है और बिना किसी जोर जबरदस्ती के लाखों लोग हिन्दू धर्म स्वीकार कर रहे हैं,


सिर्फ सनातन/हिंदुत्व ही एकमात्र ऐसा धर्म है जो कभी अपने में किसी को जबरदस्ती तलवार के दम पर या लालच देकर किसी को शामिल नही करता, यदि सनातन/हिंदुत्व से दुनिया जुड़ती है तो केवल इसकी सादगी तथा इसके द्वारा जो शान्ति का पाठ पढ़ाया जाता है, उससे दुनिया बेहद ही आकर्षित होती है, सिर्फ सनातन/हिंदुत्व ही विश्व को प्रेम, शांति और अहिंसा का संदेश दे रहा है |
ज्यादा से ज्यादा शेयर करे (भारत की जनता को मारने का प्लान)

क्या पूरी दुनिया में सिर्फ भारत के लोग ही मिले है एक्सपेरिमेंट करने के लिए लिए?? मित्रो, आज एक ऐसा मुद्दा उठा रहा हूँ जो भारत की जनता के स्वस्थ्य को तै करेगा |


जेनेटिक-मॉडिफाइ

ड फसल हमारे देश में बेचने की पूरी साजिश रची जा चुकी है और MNC लॉबी यह कहकर देश की जनता को गुमराह कर रही है की इसके कोई भी नुक्सान नहीं है |

अगर इस फसल का कोई भी नुक्सान नहीं है तोह क्यूँ Europe में GM(Genetic Modify) खाद्य पदार्थ बंद है ? क्यूँ अमेरिका में बंद है ?


जेनेटिक मॉडिफाइड वो फल सब्जी या अनाज होता है जिका DNA बदल दिया जाता है ताकि ज्यादा से ज्यादा फसल हो सके |


DNA वो पदार्थ होता है जो इंसान को इंसान बनता है और पशु को पशु . पशुओ और इंसानों में मुश्किल से 5% DNA का फर्क होता है |


आज हमें नहीं पता की DNA बदले जाने पर अनाज किस प्रकार का उगा है और लम्बे समय तक उसका मानव जाती पर क्या प्रभाव पड़ेगा | इसिलए यह सभी विदेशी लोग अपने लालच के चक्कर में सारा अनाज भारत को बेचने में लगे है और भारत की चोर लुटेरी कांग्रेस सरकार भी इनका साथ दे रही है |


अगर भारत में ऐसा ही चलता रहा तोह भविष्य में वो वक्त भी भारत देख सकता है जब पूरा देश बीमारियों से ग्रसित होगा और इलाज मिलने से पहले पूरे देश की जनता बिमारी के कारण सब कुछ खो दे अपने प्राण भी |


DNA के साथ खेलना प्रकृति का काम है इंसानों का नहीं | अगर इंसान प्रकृति के काम में ऊँगली करेगा तोह इसके परिणाम बहुत भयानक होंगे , इतने भयानक की इंसान कल्पना भी नहीं कर सकता

सकल जगतमें हमारी सनातनकी धरोहरोंका उदगम कालसे परे है जो आप हुकुमने बताया । काल गणनाकी इतनी बारीकाईया किसीभी विज्ञान या संस्कृतिके...