रविवार, 6 जनवरी 2019





सकल जगतमें हमारी सनातनकी धरोहरोंका उदगम कालसे परे है जो आप हुकुमने बताया । काल गणनाकी इतनी बारीकाईया किसीभी विज्ञान या संस्कृतिके पास थी ही नही। हमारी महत्ताको मिटानेका भरपूर प्रयासों हुए पश्चिमीकूटनीतिक विज्ञान द्वारा। फ़िर भी आज हमारे अन्वेषणके आगे पश्चिमीविश्व एक असमंजस मनोदशामें है की ये तो हमसे भी कहीं कालसे परे है ।

विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (भारतीय काल गणना )

1. क्रति = सैकन्ड का 34000 वाँ भाग
2. 1 त्रुति = सैकन्ड का 300 वाँ भाग
3. 2 त्रुति = 1 लव ,
4. 1 लव = 1 क्षण
5. 30 क्षण = 1 विपल ,
6. 60 विपल = 1 पल
7. 60 पल = 1 घड़ी (24 मिनट ) ,
8. 2.5 घड़ी = 1 होरा (घन्टा )
9. 24 होरा = 1 दिवस (दिन या वार) ,
10. 7 दिवस = 1 सप्ताह
11. 4 सप्ताह = 1 माह ,
12. 2 माह = 1 ऋतु
13. 6 ऋतु = 1 वर्ष ,
14. 100 वर्ष = 1 शताब्दी
15. 10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी ,
16. 432 सहस्राब्दी = 1 युग
17. 2 युग = 1 द्वापर युग ,
18. 3 युग = 1 त्रेता युग ,
19. 4 युग = सतयुग
20. सतयुग + त्रेतायुग + द्वापरयुग + कलियुग = 1 महायुग
21. 71 महायुग = 1 मनवन्तर ,
22. 1000 महायुग = 1 कल्प
23. 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (धरती पर जीवन अन्त और फिर आरम्भ )
24. 1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प ।(देवों का अन्त और जन्म )
25. महाकाल = 730 कल्प ।(ब्राह्मा का अन्त और जन्म )
सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र यही है। जो हमारे देश भारत में
बना जिस पर हमको गर्व है ।

#वन्दे_मातरम् !!
जय #आर्यवर्त

सकल जगतमें हमारी सनातनकी धरोहरोंका उदगम कालसे परे है जो आप हुकुमने बताया । काल गणनाकी इतनी बारीकाईया किसीभी विज्ञान या संस्कृतिके...