शनिवार, 30 मई 2020

अस्पताल का लाखों का बिल, दर्द और तनाव से मुक्ती में दादी के घरेलू नुस्खे

   
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अक्सर घर के बुजुर्गों के पास ही हर समस्या का समाधान मिल जाया करता है, जो रामबाण इलाज होता है। ऐसी ही कुछ छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जि‍न्हें हल करने के लि‍ए दादी मां के यह 22 रामबाण घरेलू नुस्खे ही काफी हैं । जरूर जानिए ... 1. कान दर्द 2. दांत दर्द 3. दांतों के सुराख 4. बच्चों के पेट के कीड़े 5. गिल्टी का दर्द 6. पेट के केंचुए एवं कीड़े 7. छोटे बच्चों को उल्टी दस्त 8. कब्ज दूर करने हेतु 9. आग से जल जाने पर 10. कान की फुंसी 11. कुकुर खांसी 12. पेशाब की जलन 13. फोड़े 14. सिरदर्द 15. पेशाब में चीनी (शकर) 16. मस्तिष्क की कमजोरी 17. अधकपारी का दर्द 18. खूनी दस्त 19. जुकाम - 1 पाव गाय का दूध गरम करके उसमें 12 दाना कालीमिर्च एवं 1 तोला मिश्री 20. मंदाग्नि 21. उदर विकार - अजवाइन, कालीमिर्च एवं सेंधा नमक 22. मोटापा दूर करना बालों के झड़ने पर नियंत्रण के लिए प्राकृतिक घरेलू उपचार यहाँ

 1. कान दर्द - प्याज पीसकर उसका रस कपड़े से छान लें। फिर उसे गरम करके 4 बूंद कान में डालने से कान का दर्द समाप्त हो जाता है।

 2. दांत दर्द - हल्दी एवं सेंधा नमक महीन पीसकर, उसे शुद्ध सरसों के तेल में मिलाकर सुबह-शाम मंजन करने से दांतों का दर्द बंद हो जाता है।

3. दांतों के सुराख - कपूर को महीन पीसकर दांतों पर उंगली से लगाएं और उसे मलें। सुराखों को भली प्रकार साफ कर लें। फिर सुराखों के नीचे कपूर को कुछ समय तक दबाकर रखने से दांतों का दर्द निश्चित रूप से समाप्त हो जाता है।

4. बच्चों के पेट के कीड़े - छोटे बच्चों के पेट में कीड़े हों तो सुबह एवं शाम को प्याज का रस गरम करके 1 तोला पिलाने से कीड़े अवश्य मर जाते हैं। धतूरे के पत्तों का रस निकालकर उसे गरम करके गुदा पर लगाने से चुन्ने (लघु कृमि) से आराम हो जाता है।

5. गिल्टी का दर्द - प्याज पीसकर उसे गरम कर लें। फिर उसमें गो-मूत्र मिलाकर छोटी-सी टिकरी बना लें। उसे कपड़े के सहारे गिल्टी पर बांधने से गिल्टी का दर्द एवं गिल्टी समाप्त हो जाती है।

6. पेट के केंचुए एवं कीड़े - 1 बड़ा चम्मच सेम के पत्तों का रस एवं शहद समभाग मिलाकर प्रात:, मध्यान्ह एवं सायं को पीने से केंचुए तथा कीड़े 4-5 दिन में मरकर बाहर निकल जाते हैं।

7. छोटे बच्चों को उल्टी दस्त - पके हुए अनार के फल का रस कुनुकुना गरम करके प्रात:, मध्यान्ह एवं सायं को 1-1 चम्मच पिलाने से शिशु-वमन अवश्य बंद हो जाता है।

8. कब्ज दूर करने हेतु - 1 बड़े साइज का नींबू काटकर रात्रिभर ओस में पड़ा रहने दें। फिर प्रात:काल 1 गिलास चीनी के शरबत में उस नींबू को निचोड़कर तथा शरबत में नाममात्र का काला नमक डालकर पीने से कब्ज निश्चित रूप से दूर हो जाता है।

9. आग से जल जाने पर - कच्चे आलू को पीसकर रस निकाल लें, फिर जले हुए स्थान पर उस रस को लगाने से आराम हो जाता है। इसके अतिरिक्त इमली की छाल जलाकर उसका महीन चूर्ण बना लें, उस चूर्ण को गो-घृत में मिलाकर जले हुए स्थान पर लगाने से आराम हो जाता है।

10. कान की फुंसी - लहसुन को सरसों के तेल में पकाकर, उस तेल को सुबह, दोपहर और शाम को कान में 2-2 बूंद डालने से कान के अंदर की फुंसी बह जाती है अथवा बैठ जाती है तथा दर्द समाप्त हो जाता है।

11. कुकुर खांसी - फिटकरी को तवे पर भून लें और उसे महीन पीस लें। तत्पश्चात 3 रत्ती फिटकरी के चूर्ण में समभाग चीनी मिलाकर सुबह, दोपहर और शाम को सेवन करने से कुकुर खांसी ठीक हो जाती है।

12. पेशाब की जलन - ताजे करेले को महीन-महीन काट लें। पुन: उसे हाथों से भली प्रकार मल दें। करेले का पानी स्टील या शीशे के पात्र में इकट्ठा करें। वही पानी 50 ग्राम की खुराक बनाकर 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) पीने से पेशाब की कड़क एवं जलन ठीक हो जाती है।

13. फोड़े - नीम की मुलायम पत्तियों को पीसकर गो-घृत में उसे पकाकर (कुछ गरम रूप में) फोड़े पर हल्के कपड़े के सहारे बांधने से भयंकर एवं पुराने तथा असाध्य फोड़े भी ठीक हो जाते हैं।

14. सिरदर्द - सोंठ को बहुत महीन पीसकर बकरी के शुद्ध दूध में मिलाकर नाक से बार-बार खींचने से सभी प्रकार के सिरदर्द में आराम होता है।

15. पेशाब में चीनी (शकर)- जामुन की गुठली सुखाकर महीन पीस डालें और उसे महीन कपड़े से छान लें। अठन्नीभर प्रतिदिन 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) ताजे जल के साथ लेने से पेशाब के साथ चीनी आनी बंद हो जाती है। इसके अतिरिक्त ताजे करेले का रस 2 तोला नित्य पीने से भी उक्त रोग में लाभ होता है।

16. मस्तिष्क की कमजोरी - मेहंदी का बीज अठन्नीभर पीसकर शुद्ध शहद के साथ प्रतिदिन 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) सेवन करने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर हो जाती है और स्मरण शक्ति ठीक होती है तथा सिरदर्द में भी आराम हो जाता है।

17. अधकपारी का दर्द - 3 रत्ती कपूर तथा मलयागिरि चंदन को गुलाब जल के साथ घिसकर (गुलाब जल की मात्रा कुछ अधिक रहे) नाक के द्वारा खींचने से अधकपारी का दर्द अवश्य समाप्त हो जाता है।

18. खूनी दस्त - 2 तोला जामुन की गुठली को ताजे पानी के साथ पीस-छानकर, 4-5 दिन सुबह 1 गिलास पीने से खूनी दस्त बंद हो जाता है। इसमें चीनी या कोई अन्य पदार्थ नहीं मिलाना चाहिए।

19. जुकाम - 1 पाव गाय का दूध गरम करके उसमें 12 दाना कालीमिर्च एवं 1 तोला मिश्री- इन दोनों को पीसकर दूध में मिलाकर सोते समय रात को पी लें। 5 दिन में जुकाम बिलकुल ठीक हो जाएगा अथवा 1 तोला मिश्री एवं 8 दाना कालीमिर्च ताजे पानी के साथ पीसकर गरम करके चाय की तरह पीयें और 5 दिन तक स्नान न करें।

20. मंदाग्नि - अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े करके नींबू के रस में डालकर और नाममात्र का सेंधा नमक मिलाकर शीशे के बर्तन में रख दें। 5-7 टुकड़े नित्य भोजन के साथ सेवन करें, मंदाग्नि दूर हो जाएगी।

21. उदर विकार - अजवाइन, कालीमिर्च एवं सेंधा नमक- इन तीनों को एक में ही मिलाकर चूर्ण बना लें। ये तीनों बराबर मात्रा में होने चाहिए। इस चूर्ण को प्रतिदिन नियमित रूप से रात को सोते समय गरम जल के साथ सेवन करने से (मात्रा अठन्नीभर) सभी प्रकार के उदर रोग दूर हो जाते हैं।

22. मोटापा दूर करना - 1 नींबू का रस 1 गिलास जल में प्रतिदिन खाली पेट पीने से मोटापा दूर हो जाता है। ऐसा 3 महीने तक निरंतर करना चाहिए। गर्मी एवं बरसात के दिनों में यह प्रयोग विशेष लाभदायक होता है।

 अत्यधिक बालों के झड़ने से छुटकारा पाने के 50 सबसे अच्छे प्राकृतिक घरेलू उपचार हैं जो आप आसानी से घर पर कर सकते हैं। 1. एलो वेरा: शुद्ध मुसब्बर का रस या मुसब्बर जेल सीधे खोपड़ी पर लागू किया जा सकता है। यह बालों के झड़ने के लिए प्राकृतिक उपचारों में से एक है जो संक्रमण का इलाज करेगा या आपकी खोपड़ी को शुष्क कर देगा। एलो वेरा में विटामिन ए, सी, ई और फोलिक एसिड के साथ-साथ कोलीन, बी 1, बी 2, बी 3 (नियासिन) और बी 6 शामिल हैं। यहाँ आप बालों के झड़ने के इलाज के लिए इसका उपयोग कैसे कर सकते हैं। कैसे करें और उपयोग करें: जेल या जूस से अपने स्कैल्प की मालिश करें, कुछ घंटों तक प्रतीक्षा करें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। बालों के झड़ने को रोकने के लिए लगभग 3 से 6 महीने तक एलो वेरा के रस के साथ त्रिफला चूर्ण का उपयोग करें। 2. नारियल का दूध: बालों के ऊतकों को पोषण देने के लिए, नारियल का दूध सबसे अच्छा काम करता है और आपके बालों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है। आप सिर्फ नारियल का कद्दूकस करके और उसके दूध को निचोड़कर नारियल का दूध प्राप्त कर सकते हैं। नारियल का दूध बालों के झड़ने को नियंत्रित करने और कुल खोपड़ी को चमकाने का एक प्राकृतिक घरेलू उपचार है। इस तरह एक प्रभावी नारियल का दूध मास्क बनाएं। कैसे करें और उपयोग करें: एक कप नारियल का दूध, आधा कप दही, दो बड़े चम्मच कपूर का तेल मिलाएं। बालों पर इस मिश्रण की मालिश करें और इसे लगभग 2 घंटे तक बैठने दें। बालों को तौलिये में लपेटें और सूखने दें। मलो मत। आधे घंटे के बाद गुनगुने पानी से धो लें। 3. गर्म तेल की मालिश: गुनगुने तेल के साथ खोपड़ी और बालों की नियमित मालिश रक्त प्रवाह को प्रोत्साहित करने में मदद करेगी। हम आपके बालों की मालिश करने के लिए नारियल तेल या तिल के तेल के उपयोग की सलाह देते हैं। कई अन्य तेल हैं जिनका उपयोग मालिश करने के लिए किया जा सकता है, विशेष रूप से जैतून, अरंडी, जोजोबा और बादाम। यह बालों के झड़ने के लिए सबसे अच्छा सरल घरेलू उपचार में से एक है और यह स्ट्रैंड द्वारा आपके बालों की त्वचा पर रक्त परिसंचरण को बढ़ाने के लिए उपयोगी हो सकता है। कैसे करें और उपयोग करें: अपने बालों को बीच में रखें और अच्छी तरह से कंघी करें। ल्यूक कुछ नारियल तेल (या किसी अन्य तेल) को गर्म करता है और सीधे खोपड़ी पर कुछ डाल देता है। इसे धीरे-धीरे रिसने दें जबकि यह अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ने लगता है। अब, अपनी उंगलियों का उपयोग करते हुए, खोपड़ी पर तेल की अच्छी तरह से मालिश करें। लगभग 20 मिनट तक मालिश करें। एक बार हो जाने के बाद, बालों को पोनी टेल की स्थिति में ले जाएं और कोमल दबाव डालें और इसे खींचें। यह खोपड़ी को मजबूत करेगा। तेल को लगभग एक घंटे तक लगा रहने दें। आप गर्म तेल में कुछ कपूर भी मिला सकते हैं। कपूर रूसी को ठीक करने के लिए जाना जाता है। 4. आंवला या भारतीय करौदा: नारियल के तेल में कुछ सूखे आंवले डालें और उन्हें तब तक उबालें जब तक आपको काला तेल न मिल जाए। अगर आप इस तेल की मालिश करते हैं तो यह बहुत प्रभावी साबित होगा। आंवला में आहार फाइबर होता है और यह विटामिन सी से भरपूर होता है। कैल्शियम, प्रोटीन और आयरन की अच्छी खुराक बालों की मजबूती के लिए सहायक होती है। कैसे करें और उपयोग करें: आप आंवले का इस्तेमाल सिर्फ शिकाकाई के साथ पेस्ट बनाकर कर सकते हैं। इस पेस्ट को गीले बालों में लगाएं और कुछ मिनट बाद अपने बालों को धो लें। नोट आंवले के रस (आंवला) और निम्बू के रस को मिला कर बालों के झड़ने का इलाज किया जा सकता है। शहद के साथ मिश्रित होने पर आंवले मददगार है। यह उन महिलाओं के लिए सबसे अच्छे और सही बालों के झड़ने वाले घरेलू उपचारों में से एक है, जिनके सूखे बाल हैं। 5. नीम (भारतीय बकाइन): नीम का पौधा बहुत फायदेमंद है और इसमें सजावटी और आवश्यक गुण हैं। नीम का एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-सेडेटिव, एंटी-डायबिटिक गुण स्वस्थ बालों के लिए आवश्यक है। नीम बीमारियों के इलाज के लिए उपयोगी है और बालों के झड़ने के लिए एक अद्भुत घरेलू उपचार भी है। यहाँ आप कैसे तैयार कर सकते हैं, कैसे करें और उपयोग करें: नीम के साथ पानी उबालें, जब तक कि पानी आधा न हो जाए। इसे ठंडा करें और अपने बालों को धो लें। आप सप्ताह में एक बार इस घोल से अपने बालों को धो सकते हैं। यह खोपड़ी से खुजली और रूसी से बचने के लिए बालों के झड़ने के लिए सबसे अच्छा उपचार में से एक है। 6. हिबिस्कस: हिबिस्कस या गुड़हल एक फूल है जो आसानी से उपलब्ध है। यह फूल लाल, गुलाबी और सफेद रंग का होता है और भगवान गणेश को चढ़ाया जाता है। हिबिस्कस या गुड़हल में पुनर्जीवित करने वाले गुण होते हैं और यह आपके बालों को पोषण देने में मददगार होता है। हिबिस्कस बालों को रूसी से बचाता है और असमय धूसर बालों का विकास करता है। यह बालों के झड़ने को रोकने में बहुत मददगार है। यह विटामिन ए, बी और सी, फॉस्फोरस और कैल्शियम, अमीनो एसिड और अन्य पोषक तत्वों जैसे खनिजों में समृद्ध है जो इसे हमारे तालों के लिए सबसे अच्छा बनाते हैं। यह बालों के अत्यधिक झड़ने का एक घरेलू उपचार है। कैसे करें और उपयोग करें: अपने बालों की लंबाई के आधार पर हिबिस्कस (3 या 4) पीस लें। इन्हें तब तक पीसें जब तक आपको एक गाढ़ा पेस्ट न मिल जाए। इसे कुछ दही के साथ मिलाएं। इसे अपने स्कैल्प और जड़ों पर लगाएं। समान रूप से अपने बालों के अंत किस्में तक लागू करें। आप मेथी के साथ हिबिस्कस का भी उपयोग कर सकते हैं। रातभर भिगोने के बाद मेथी का पेस्ट बना लें। इसे छाछ के साथ मिलाएं और लागू करें। 7. लहसुन और प्याज: कैसे करें और उपयोग करें: लहसुन और प्याज दोनों ही सल्फर के समृद्ध स्रोत हैं और दोनों ही बालों के विकास में मदद करते हैं। लहसुन को लागू करने के लिए, लहसुन को छीलें और उन्हें नारियल के तेल के साथ उबालें। इस तेल को अपने स्कैल्प में लगाएं और मालिश करें। सर्वोत्तम परिणाम देखने के लिए सप्ताह में 2 से 3 बार इस तेल से मालिश करें। प्याज को लागू करने के लिए, आपको उन्हें बारीक रूप से काटना और रस निकालना होगा। कैसे करें और उपयोग करें: प्याज के रस से स्कैल्प की अच्छे से मालिश करें और माइल्ड शैम्पू से अपने बालों को धो लें। ये दोनों बालों के झड़ने के लिए और बालों के विकास के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपचार हैं। अगर प्याज को शहद के साथ मिलाया जाए तो इसे एलोवेरा को हेयर मास्क के रूप में लगाया जा सकता उपयोगी हेयर फॉल के घरेलू उपचार है  गुड़हल आंवला आयरन, सल्फर, फॉस्फोरस, प्रोटीन, जिंक और आयोडीन का एक समृद्ध स्रोत है। अपने बालों को फिर से उगाने के लिए, इसका एक मास्क बनाएं। कैसे करें और उपयोग करें: ऑलिव ऑयल के साथ । अपने बालों के छोर तक खोपड़ी पर मालिश करें। इसे एक घंटे के लिए छोड़ दें और एक हल्के शैम्पू का उपयोग करके अच्छी तरह से पानी से धो लें।

9. काली मिर्च के बीज और चूना: काली मिर्च और चूना विटामिन ए और विटामिन सी, फ्लेवोनॉयड्स, कार्टेनोइड्स और कई अन्य एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। वे सभी विकास सुनिश्चित करते हैं और रूसी से भी लड़ते हैं। कैसे करें और उपयोग करें: नींबू के रस के अर्क में थोड़ी सी पिसी हुई काली मिर्च मिलाएं। इस मिश्रण को अपने स्कैल्प पर लगाएं। इसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें और ठंडे पानी में धो लें। आप काली मिर्च में अरंडी का तेल या नारियल का तेल भी मिला सकते हैं। यह मिश्रण बहुत अच्छा साबित होता है और बालों के झड़ने को प्राकृतिक रूप से ठीक कर सकता है। यह बालों के झड़ने के प्राकृतिक उपचारों में से एक है और यह बालों को एक अच्छा बनावट भी देता है। 10. लाल ग्राम या कबूतर मटर: कबूतर मटर में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की अच्छाई होती है। वे विटामिन सी और उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन से भी समृद्ध होते हैं जो बालों के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति करते हैं। कैसे करें और उपयोग करें: कुछ कबूतर या लाल चने रात भर भिगोएँ। बहुत कम पानी मिलाते हुए इसे गाढ़ा और महीन पेस्ट बना लें। अपने बालों पर लागू करें। यह पेस्ट प्राकृतिक रूप से बालों के झड़ने को ठीक करने के लिए प्रभावी है। यह बालों के झड़ने को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है। मास्क को हर वैकल्पिक दिन में लगभग 45 मिनट तक रखें। कुछ ऐसे उबटन के बारे में बताते हैं, जिससे आप बेदाग व निखरी त्‍वचा पा सकती हैं- *हल्दी* हल्‍दी त्‍वचा के लिए कितनी अच्‍छी होती है इस बारे में हम आपको समय-समय पर बताते रहते हैं। जी हां हल्‍दी में मौजूद एंटी-ऑक्‍सीडेंट और करक्यूमिन नामक तत्‍व ना केवल हेल्‍थ के लिए बल्कि आपको सुंदर बनाने में भी मददगार होते है। आपने देखा ही होगा दुल्‍हन को शादी से पहले हल्‍दी लगाई जाती है ताकि उसके त्‍वचा निखरी हुई दिखाई दें। हल्‍दी का उबटन बनाने के लिए आपको हल्‍दी, बेसन या आटा, ताजी मलाई, थोड़ा सा सरसों का तेल और दूध की जरूरत होती है। सबसे पहले हल्‍दी में बेसन या आटा मिला लें। फिर इसमें ताजी मलाई, दूध और थोड़ा सा सरसों का तेल मिलाकर गाढ़ा पेस्‍ट बना लें। इसे 10 मिनट चेहरे पर लगाकर ऐसे ही छोड़ दें। जब ये थोड़ा सूख जाए तो इसे हल्‍का सा रगड़कर साफ कर लें। फिर चेहरे को पानी से धो लें। *ग्रीन-टी* हल्‍दी की तरह ग्रीन टी में भी एंटी-ऑक्‍सीडेंट भरपूर मात्रा में होते है। इसलिए इसका इस्‍तेमाल वेट लॉस के लिए किया जाता है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि आप ग्रीन टी का उबटन बनाकर भी अपने चेहरे पर लगा सकती हैं। ग्रीन टी का उबटन बनाने के लिए आपको 2 ग्रीन टी के बैग, 1 छोटा चम्‍मच नींबू के रस और 1 छोटा चम्‍मच शहद की जरूरत होती है। सबसे पहले 2 ग्रीन-टी बैग को पानी में अच्छी तरह डिप करें और फिर उसमें से पाउडर निकाल लें। अब इसमें नींबू का रस और शहद मिक्स कर लें। इसे अपने चेहरे पर लगाकर 15 मिनट के लिए ड्राई होने दें और फिर इसे पानी से धो लें। *चंदन पाउडर* चंदन पाउडर हमारी त्‍वचा के लिए बहुत अच्‍छा होता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल तत्व चेहरे को बूढ़ा होने से बचाते हैं। ये त्‍वचा को टाइट कर उसे जवां बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा चंदन में हर्बल एंटीसेप्टिक गुण होते है। इसके अलावा अगर यह सनटैन को भी ठीक करता है। चंदर का उबटन बनाने के लिए आापको थोड़े से चंदन पाउडर, 1 छोटा चम्‍मच टमाटर और नींबू के रस की जरूरत होती है। सबसे पहले चंदन पाउडर में इन दोनों चीजों को अच्‍छी तरह से मिलाकर पेस्‍ट बना लें। फिर इसे अपने चेहरे पर 10-15 मिनट लगाएं और फिर ताजे पानी से धो लें। आप इसका इस्‍तेमाल रोजाना कर सकती हैं। ऐसा करने से ना केवल आपकी स्किन ग्‍लोइंग होगी बल्कि यह एलर्जी व पिंपल्स जैसी समस्याओं को भी दूर करेगा। *बादाम* बादाम में विटामिन, प्रोटीन और मिनरल्स का खजाना छुपा होता है, इसलिए ये स्किन के लिए काफी फायदेमंद होता है। बरसों से स्किन केयर में बादाम का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। इसे लगाने से एजिंग से निजात और स्किन से कालेपन दूर होने की समस्या कम होती है। इसके अलावा बादाम में कई तरह के एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जो चेहरे में निखार लाते हैं और स्किन का रूखापन भी दूर करते हैं। रात को 10-15 बादाम को भिगो दे और सुबह उठकर इसे छील कर इसका पेस्ट बना लें। फिर इसमें हल्‍का सा दूध और शहद मिला कर आप स्क्रब की तरह इस्तेमाल करें। रेगुलर ऐसा करने से आपको खुद फर्क महसूस होगा।


सकल जगतमें हमारी सनातनकी धरोहरोंका उदगम कालसे परे है जो आप हुकुमने बताया । काल गणनाकी इतनी बारीकाईया किसीभी विज्ञान या संस्कृतिके...