दुनियाकी सरकारें और उनकी सासु मां युएन, जगत की जनता को कैसे उल्लु बना रही है उसका एक सटिक उदाहरण है ।
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Mukesh Singh
93,328 किलोग्राम कोविड 19 की टेस्टिंग किट का आयात भारत ने 2018 में किया वर्ल्ड बैंक की लिंक नीचे है।
जब कोरोना 2020 में भारत मे फैला जैसा हम लोगो को पता है तब भारत को एडवांस में पता था 2 साल पहले की भारत मे कोरोना आने वाला है।
जिसे नोवल कोविड 19 का नाम WHO ने 2020 में दिया और कहा यह नया वायरस है तब यह कमाल की बात है कि इस कि किट न जाने कितने साल पहले बनानी शुरू कर दी जाती है और बीमारी के आने से 2साल पहले भारत उसे खरीद भी लेता है ।
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मेरी बातें कुछ लोगो को अच्छी नही लगती परन्तु यह बाते उनके भी हित मे है अभी भी समय है जाग जाओ।
मन्दबुद्धि को समझया जा सकता है।
बन्दबुद्धि को नही।
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जिस बीमारी के बारे में WHO को पता 2020 में चलता है उसकी टेस्टिंग किट भारत को 2018 में वर्ल्ड बैंक द्वारा दो चार किलोग्राम नही बल्कि 93,328
लगभग 1लाख किलोग्राम बेच दी जाती है और भारत वर्ल्ड बैंक से कर्ज़ा लेकर खरीद भी लेता है क्या यह महज इत्तफाक है या कोई सोची समझी साजिश जरा सोचिए क्यों चुपचाप WHO ने लगभग सभी अपनी साईड से नोवल कोविड 19 के आगे से नोवल गायब कर दिया है।
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आप नीचे दिये गये वर्ल्ड बैंक की लिंक में देखेगे वर्ल्ड बैंक ने 2018 में ही दुनिया को करोड़ो किलोग्राम टेस्ट किट बेच दिए थे जो बीमारी 2019 - 2020 में अस्तित्व में आती है।
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जरा सोचिए मेरा मकसद सिर्फ आप को डर से छुटकारा दिलाने का है। जैसे जैसे देश में टेस्ट किट आती रहेगी बीमारी बडती हुई दिखाई देगी।
इसका ताजा उदाहरण पिछले 2 महीने है ।
जरा सोचिए-------
https://wits.worldbank.org/trade/comtrade/en/country/ALL/year/2018/tradeflow/Exports/partner/WLD/nomen/h5/product/300215?fbclid=IwAR3HGmi6RGpxNoxgncXRwWj0Hvq2N7eDfUbuZFxJsuC4tYSoXUSNxRZUW6A
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2020
विश्व की जनता को UN के माध्यम से कैसे उल्लू बनाया जाता है
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