मंगलवार, 10 नवंबर 2020

क्रिस्चियन मिशनरीयों का खुलेआम जंग का एलान सालवेशन आर्मी के द्वारा






 इन पादरियों के गुनाह कौन माफ करेगा?
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अपने किये गुनाह की माफी के लिए धार्मिक समुदाओं में अलग-अलग रिवाज हैं। ईसाई कहते हैं कि अपने पाप प्रत्येक रविवार को चर्च में जाकर कन्फेन्श करके खत्म कर दो…..
इसके लिए बाकायदा चर्च में एक किनारे पर एक बंद सा केबिन होता है। जिसे कन्फेशन रूम या केबिन कहा जाता है…..
केरल के कोट्टयम के चर्च में एक ईसाई महिला भी अपने गुनाह की माफी मांगने इसी केबिन में गयी थी……
पता नहीं जीसस ने उसकी फरियाद सुनी या नहीं सुनी! लेकिन एक पादरी ने केबिन के अंदर बैठकर उसका कबूलनामा सुना था, वह उल्टा उस औरत को ब्लैकमेल करने लगा। उसने महिला का यौन शोषण किया फिर अन्य पादरी भी इसमें शामिल हो गए……
अब जाकर महिला के पति को ये बात मालूम चली। उसने चर्च को शिकायती चिट्ठी भेजी। जब चर्च के अधिकारियों के लिए इस सच से मुंह मोड़ना मुश्किल हो गया, तो अधिकारियों के पास अपने पंथ की इज्जत बचाने के लिए इसे स्वीकार करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा ताकि चर्च के अनुयायियों को दूसरे लोगों से मुंह छिपाते न फिरना पड़े इस कारण पांचों आरोपी पादरियों को छुट्टी पर भेज दिया है……

अपनी आध्यात्मिक उपलब्धियों का दुरुपयोग, शारीरिक सुख प्राप्त करने की वजह से दुनिया भर के कैथोलिक चर्च आज सैक्स स्कैंडलों की बड़ी बदनामी झेल रहे हैं…..
समूचे यूरोप और अमेरिका सहित अनेक देशों में पादरियों के सैक्स किस्से लोगों की जुबान पर हैं। अगर केवल कल तक में झांक कर देखें तो चर्च के नाम पर भोगविलास में लिप्त इन तथाकथित ईश्वर पुत्रों की सूची आसमान की दूरी तरह लंबी होती चली जाएगी….
बीबीसी की रिपोर्ट में दिया गया था कि आस्ट्रेलिया में एक जांच के दौरान पता चला है कि देश के करीब 40 फीसदी चर्च पर बच्चों के यौन शोषण के आरोप है….

बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों पर नजर रखने वाली रॉयल कमीशन के पास 1980 से 2015 के बीच करीब 4,500 लोगों ने यौन शोषण होने की शिकायत दर्ज कराई थी।

इसके बाद वेटिकन के तमाम प्रयासों के बावजूद पादरियों के कुकर्मों की पोल खुलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पादरियों के यौन दुराचार की बातें उजागर होते देख चर्च को अपनी चूलें हिलती दिख रही हैं इसी वजह से कुछ साल पहले 16 वें पोप बेनेडिक्ट जगह-जगह जाकर प्रार्थना करने के बजाय अपने लंपट पादरियों के कुकर्मों के लिए माफी मांगते नजर आये थे। पीड़ित लोगों से मिल रहे थे और बेहद शर्मिंदगी व दुःख जता रहे हैं कारण सदियों तक जो बात ढ़की रहती थी, अब छिपाए छिप नहीं पा रही और चर्च का यौनसुख अब संकट में है। क्योंकि अब आम जनता के नैतिकता के पैमाने बदल गए हैं…..

हालाँकि चर्चों का ये यौनसुख नया नहीं है काफी समय से चर्च अपने पादरियों की नाजायज संतानों की समस्या को भी झेल रहा है। अमेरिका, यूरोप और आस्ट्रेलिया में कई औरतें पादरियों से गर्भवती होकर उनके अवैध बच्चों को पालने पर मजबूर हैं। कई चर्चों से इन औरतों से समझौते पर साइन करवा कर मुआवजे दे दिए गए हैं......
चर्च के सैक्स स्कैंडलों की बदनामी से वैटिकन सिटी बार-बार मीडिया की आलोचना भी करता रहा है लेकिन वैटिकन इन मामलों को रोक नहीं पा रहा है। चर्चों के सैक्स किस्से घटने के बजाय बढ़ते जा रहे हैं……
न्यूयार्क टाइम्स की सैक्स स्कैंडलों पर कवरेज के लिए आलोचना की गई थी कारण अखबार ने 200 बहरे बच्चों के साथ एक पादरी की दुराचार की खबरें प्रकाशित की थीं।

अपने देश में ही देखें तो में केरल के कन्नूर जिले में एक कैथलिक पादरी पर एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने का इल्जाम लगा था। आरोप था कि पादरी ने उस लड़की का कन्फेशन सुनकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। इसी वर्ष पटना में एक पादरी चंद्र कुमार कथित तौर पर कई महिलाओं का धर्म परिवर्तन करा कर उनका यौन शोषण करता था। जिन्हें पिछले 6 महीनों से वह अपनी हवस का शिकार बना रहा था। इसी दौरान त्रिसूर में एक कैथोलिक पादरी को नौ वर्ष की एक लड़की द्वारा लैंगिक शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।

ये तमाम रिपोर्ट किसी को भी शर्मसार करने के लिए काफी है। ये पांचो आरोपी पादरी फादर जॉब मैथ्यू, फादर अब्राहम वर्गीज, फादर जेस के जॉर्ज, फादर जॉनसन वी मैथ्यू और फादर जीजो जे अब्राहम भी कन्फेशन रूम में अपने किये कृत्यों की माफी मांग लें और चर्च की तरफ से मामला रफा-दफा हो जाये पर लोगों के मन में उफन रहे सवाल कैसे रफा-दफा होंगे कि इन पादरियों के गुनाह कौन माफ करेगा?
कौन माफ़ करेगा .... गरीब बच्चों के नाम पर विदेशों से धन इकठ्ठा किया और खुद के यासी में लगाया .....
केरल के बिलीवर्स ईस्टर्न चर्च पर आयकर विभाग ने कर चोरी करने का दावा करते हुए छापा मारा है। आयकर विभाग ने इस चर्च के मुखिया और इसाई धर्म प्रचारक केपी योहानन के घर और ऑफिस में रेड डाली है। इस चर्च पर आरोप लगा है कि वह चैरिटी फंड का इस्तेमाल धार्मिक और निजी कार्यों के लिए कर रहा है।
आरोप लगाया गया है कि चर्च के मुखिया केपी योहानन ने गरीबों के नाम पर विदेश से धन इकट्ठा किया और उसका इस्तेमाल रियल एस्टेट क्षेत्र में और अपने निजी इन्वेस्टमेंट में किया। इस बारे में स्थानीय लोगों से जानकारी ली गई थी जिसके आधार पर यह छापेमारी की कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि आईटी विभाग को इस बारे में सूत्रों से कई अहम जानकारी मिली थी। अधिकारियों ने चर्च मुखिया के घर पर खड़ी एक गाड़ी से 57 लाख रुपए और कुछ फोन भी बरामद किए थे।
एक रिपोर्ट के अनुसार छापेमारी अभियान गुरूवार से शुरू हुआ था जो अभी तक केरल समेत देश के कई दूसरे क्षेत्रों में जारी है। अभी तक कई परिसरों से लगभग 8 करोड़ रुपए जब्त किए जा चुके हैं। बताते चले कि 2012 में भी राज्य सरकार ने चर्च मुखिया केपी योहनन के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए थे।
वहीँ, इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के मुताबिक केरल के 'बीलीवर्स ईस्टर्न चर्च' देशभर में कई पूजास्थलों, विद्यालयों, कॉलेजों तथा केरल में एक मेडिकल कॉलेज और एक अस्पताल को चलाता है। इस चर्च को गरीबों और अनाथों की मदद के लिये विदेश से दान मिलता है, लेकिन असल में इस तरह के टैक्स फ्री फंड का प्रॉपर्टी के में निजी और अन्य अवैध खर्चों के लिये बेहिसाब नकद लेनदेन में इस्तेमाल किया गया था।
अभी भी लोगों को समझ नहीं आये तो क्या किया जाये ...
ध्यान रहे ईसाई तो अपनी बात कर रहे है ... प्रचार कर रहे है .... पर हम अपने विचारों का प्रचार नहीं कर रहे है .....
हमें अपने सनातन विचारों का प्रचार करना ही होगा ....
उससे पहले अपने सनातन धर्म को हमें खुद समझना होगा ..... और पूर्ण आस्था के साथ उसको मानना भी होगा .....
नहीं तो हमारे परिवार के सदस्य उनके विचारों से प्रभावित हो कर उनके पास जायेंगे और वासना के शिकार होंगें ....
सनातन धर्म के मूल्यों को समझे और समझाएं .
https://youtu.be/06N0Bce9zfw

 https://youtu.be/kaUQ6VGD4Lw

 https://youtu.be/2YzX05w1FyU

 



 

सकल जगतमें हमारी सनातनकी धरोहरोंका उदगम कालसे परे है जो आप हुकुमने बताया । काल गणनाकी इतनी बारीकाईया किसीभी विज्ञान या संस्कृतिके...