सोमवार, 9 नवंबर 2020

मनुष्य को निर्वीज नष्ट भ्रष्ट कर समाप्त करने की तैयारी पशुओं पौधों की परीक्षण पूर्ण इस GM टेक्नोलॉजी से

 


 


 
यह करवा रहे हैं वैज्ञानिक जो कभी इन जानवरों ने भी करना नहीं चाहा, #भगवान बनना चाहता है #इंसान।।
यह सिंह (टाइगर) और बब्बर शेर का वर्ण सङ्कर बच्चा है, इसे #Tigon कहते हैं, यह न शिकार कर सकता है न अपना शरीर संभाल सकता है।
दुनिया के 2 सर्वश्रेष्ठ शिकारियों का वर्ण संकर भी किसी काम का नहीं है।
#प्रकृति के कानूनों में छेड़ छाड़ दुनिया तबाह कर रही है।।
  आईवीएफ नामक व्यापार जो अरबों खरबो का होता जा रहा है। जल्दी ही क्रिकेट को स्पॉन्सर करते हुए दिख गए तो समझ जाना की षड्यंत्र सफल हुआ। जैसे खेतों के लिए अब बीज से बीज नहीं होते वैसे ही अब इंसानो से बच्चे नहीं होंगे। बीज बाज़ार से लाने पड़ते हैं तो बच्चे भी बाज़ार से लाने पड़ेंगे।
कृत्रिम बच्चे।
इन का लक्ष्य है 2050 तक सब बच्चे ऐसे ही पैदा हो। एकता तुषार शाहरुख़ करण इस के सेल्स और मार्केटिंग वाले है। ये सब थोड़ा और मेहनत कर रहे हैं जाति, परिवार ,गोत्र,कुल  सब नष्ट करने की योजना है भारत से परिवार प्रथा ख़त्म करो विवाह प्रथा पर भी कुठाराघात किया जा रहा है। एक तीर दो निशाने भारत की संस्कृति मिटाओ और आईवीएफ़ से पैसा कमाओ। बीज बो रहे हैं ये एक भ्रष्ट समाज और परिवार का।        अब चाहे आपकी पूर्वजों के साथ कितना भी अत्याचार हुआ हो चाहे आपकी कोई भी संस्कृति रही हो या आपके खानदान और उनकी कोई भी मर्यादा रही हो चाहे नीचे दिए गए वीडियो में चाहे कितना भी राजीव दीक्षित कितना भी चिल्लाऐं  अब कोई लड़ने वाला नया नौजवान पैदा ही नहीं होगा अभी बीज ही नष्ट हो जाए उनकी योजना का यह मूल प्रयास है क्योंकि हो सकता है अगर बीज है तो कोई गुरु कोई अब इस बीज बचाने में केवल श्रेष्ठ गुरुकुल ज्ञान गाय और गांव से ही इन षड्यंत्रों से बचा जा सकता है अब एक ही समाधान राष्ट्रीय स्वतंत्र गुरुकुल अभियान
केवल श्रेष्ठ बौद्धिक विचार से युक्त कर्मशील ही संपर्क करें
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  जितेंद्र को जानते हो?
वो ही ताकि ताकि ........ताकिताकि ताकि रे जब से तू आँख में झाँकी रे। बहुत ही हारामी चीज है। इस की ममेरी बहन ने इस पर बलटकार का आरोप लगाया । बलटकार 1971 में हुआ था और FIR 2018 में करी। असल में बलटकार हुआ ही नहीं था ये तो metoo की स्क्रिप्ट थी। चुनाव नहीं आते तो अब तक क़ानून बन गया होता। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी फूल मूड में थी जनसुनवाई की, कमेटी और क़ानून बनाने की तैयारी थी। कोई नहीं चुनाव के बाद हो जाएगा। जितेंद्र की ममेरी बहन को पैसा मिला होगा अच्छा ख़ासा बलटकार की कहानी के लिए। पैसा बड़ी चीज़ है।
जितेंद्र का एक बेटा है तुषार कपूर ए ओ आई ओ मा अ अ चो..... ऐसी औलाद को जन्म भर बैठ कर खिलाना पड़ता है।
ऐसी ही एक बेटी है एकता कपूर, जैसा भाई वैसी बहन। अब जीने के लिए पैसा तो चाहिए ही। जितेंद्र को भी उस के बेटे और बेटी को भी।
यहाँ ये बिक गए। काम मिला भारत को बर्बाद करने का। भारत माता को बेचने का। एकता निर्माता बनी सास बहु सीरियल की। कम्पनी का नाम रखा बालाजी टेली फ़िल्म। बाला जी मतलब आप जानते ही हो। ये सब से ज़्यादा वेतन लेने वाली CEO भी बनी, इस की कम्पनी से जितेंद्र को भी 5 करोड़ वेतन मिलता था तो इतना ही इस की माँ को भी भाई को भी। उस के अलावा मुनाफ़ा अलग से। हज़ार करोड़ की कम्पनी बन गयी।
ज़्यादा तो नहीं पता मगर विस्तारवादी नीति के तहत इस ने बहुत से प्रोडक्सन हाउस ख़रीदे बहुत से मतलब बहुत से। सास भी कभी बहु थी के समय से जनता हूँ मैं इस के अलावा कुछ नहीं देखा। स्टार टीवी पर आता था और स्टार टीवी जिस के साथ उस को नाम शौहरत दौलत की क्या कमी। होते होते इस ने स्टार टीवी के शेयर भी ख़रीद लिए। बहुत जल्दी सफलता मिलती गयी। 2017 में रीलाइंस ने इस से हाथ मिलाया डील हुयी कुछ 400-500 करोड़ में।
तुषार कपूर ने शादी नहीं की, फिर भी जितेंद्र और उस की बीवी शोभा दादा दादी बन गए। तुषार का बेटा हुआ था। उस का अपना ख़ून। किराए की कोख से। घर में बच्चे की किलकारियाँ गूँज उठी।
27 जनवरी को जितेंद्र और उस की बीवी शोभा नाना नानी बन गए। बिना दामाद के। किराए की कोख भी ली और विकी डोनर से स्पर्म भी लिए। घर में फिर बच्चे की किलकारियाँ गूँज उठी।

ये है “कहानी घर घर की” । (थोड़े दिन पहले ये सब हिजड़े मोदी जी से मिले थे।)
ऐसा ही शाहरुख़ खान ने किया तो करण जौहर ने भी किया। उस ही कड़ी में तुषार और एकता भी जुड़े।

रवीना टंडन ने 2 लड़कियाँ गोद ली। वहीं सुष्मिता सेन ने शादी नहीं की उस ने भी 2 लड़कियाँ गोद ली। सलमान खान की माँ हेलन ने एक लड़की गोद ली। सुभाष घई ने तो मिथुन ने भी एक बच्ची गोद ली। पहले ये चलता था। तब अनाथ बच्चों को गोद लेते थे।

मगर ये नया ट्रेंड चल पड़ा। किराए का गर्भ या स्पर्म ख़रीद का लड़का पैदा करो। जल्दी ही ये आम हो जाएगा। आज कल की भाग दौड़ भरी लाइफ़, काम का, कैरियर का लोड, स्ट्रेस ........जिस कारण अब दंपत्तियों के बच्चे नहीं हो रहे। इलाज करवाते हैं कम से कम 2 से 3 साल इलाज चलता है। असल में इलाज नहीं चलता ये ब्लाकिज किया जाता है। 4 - 5 लाख का ख़र्चा हो जाता है। फिर बोला जाता है की कनसिव नहीं हो रहा। आपको कृत्रिम प्रक्रिया करवानी होगी। ख़र्चा 4 से 5 लाख। तब दवाइयाँ बंद।

फिर किसी और के अंडाशय से अंडे तो किसी और के शुक्राणुओं को मिला कर तैयार किया जाता है मोटा ताज़ा लड़का।
ये है आईवीएफ नामक व्यापार जो अरबों खरबो का होता जा रहा है। जल्दी ही क्रिकेट को स्पॉन्सर करते हुए दिख गए तो समझ जाना की षड्यंत्र सफल हुआ। जैसे खेतों के लिए अब बीज से बीज नहीं होते वैसे ही अब इंसानो से बच्चे नहीं होंगे। बीज बाज़ार से लाने पड़ते हैं तो बच्चे भी बाज़ार से लाने पड़ेंगे।
कृत्रिम बच्चे।
इन का लक्ष्य है 2050 तक सब बच्चे ऐसे ही पैदा हो। एकता तुषार शाहरुख़ करण इस के सेल्स और मार्केटिंग वाले है। ये सब थोड़ा और मेहनत कर रहे हैं भारत से परिवार प्रथा ख़त्म करो विवाह प्रथा पर भी कुठाराघात किया जा रहा है। एक तीर दो निशाने भारत की संस्कृति मिटाओ और आईवीएफ़ से पैसा कमाओ। बीज बो रहे हैं ये एक भ्रष्ट समाज और परिवार का।        अब चाहे आपकी पूर्वजों के साथ कितना भी अत्याचार हुआ हो चाहे आपकी कोई भी संस्कृति रही हो या आपके खानदान और उनकी कोई भी मर्यादा रही हो चाहे नीचे दिए गए वीडियो में चाहे कितना भी राजीव दीक्षित कितना भी चिल्लाऐं  अब कोई लड़ने वाला नया नौजवान पैदा ही नहीं होगा अभी बीज ही नष्ट हो जाए उनकी योजना का यह मूल प्रयास है क्योंकि हो सकता है अगर बीज है तो कोई गुरु कोई गुरुकुल उनमें भाव पैदा कर सकता है अब जब भेज ही नहीं होगा तो कोई भी गुरुकुल कोई भी गुरु कोई भी श्रेष्ठ महा मानव का कोई प्रभाव नहीं होगा आप चिल्लपों मचाते रहिए बचाओ बचाओ करते रहिए

 


सकल जगतमें हमारी सनातनकी धरोहरोंका उदगम कालसे परे है जो आप हुकुमने बताया । काल गणनाकी इतनी बारीकाईया किसीभी विज्ञान या संस्कृतिके...