भारत की खेती को बर्बाद करने के लिए अंग्रेजो ने पहली सर्वे कराया की भरत के खेती को कैसे बर्बाद किया जाये ! अंग्रेजो ने जब सर्वे करा तो उनको एक बात पता चला कि भारत क किसान जो खेती करता है उसका केन्द्र बिन्दु है गाय !और उसका केन्द्र बिन्दु है बैल ! बैल गाय के बछड़े होते है !बछड़े बैल बनते है बेलों से खेत जोते जाते है फ़िर गाय दूध देती है किसान ढूध पिता है उसमे से शक्ति आती है तो खेतो मै मेंहनत करता है गाय गोबर देती है उस गोबर का खाद बनता है खाद मै ड़ालता है और खेत की शक्ति बढ़ता है गाय मूत्र देतीं है मूत्र को किसान कीटनाश्क के रूप मै प्रयोग मै लाता है तो गाय जो है वो भारतीय कृषि व्यवस्था के केन्द्र मै है !यह अंग्रेजो कि सरकार को पता चला तो अंग्रेज़ो ने एक कानून बनाकर भारत मै गाय का कत्ल करवाना आराम्भ किया तो १७६० मे इस देश मे अंग्रेज़ो के आदेश पर गाय का कत्ल होना शुरु हो गया ! कुछ लोगो को ऐसा लगता है और वो लोग कहते भी है कि राजीव भाई अंग्रेजो से पहले भी तो मुसलमान राजा थे ! वो भी तो गाय कत्ल करवाते थे ! मै आपको जानकारी देना चाहता हू कि एक -दो मुसलमान राजाओ को छोङ कर, भारत मै किसी भि राजा ने गाय क़ा कत्ल नही करवाया ! मुसलमानो के राजाओं के ज़माने मै तो भारत मै एस कानून रहा है कि जो गाय का कत्ल करे उसको फ़ासी कि सज़ा दी जाए ! यह अंग्रेज थे जिन्होने गाय कत्ल कारवाने के लिए व्यवस्थित रुप से कानून बनवा दिया और सन १७६० से भारत मई गाय का कत्ल करवाना अंग्रेजो ने शुरु किया !
गाय का कत्ल करवाते तो अंग्रेजो को दो फायदे होते थे ! एक तो भारत के किसान जो सबसे बड़ा पशुधन था गाय ! वो खत्म होत था ! गाय मरती थे तो दूध कम होता था ! गाय मरती थी तो गोबर कम होता था ! गोबर कम होता था ! गोबर कम होता था तो खाद कम होती थी ! गाय मरती थी तो मूत्र नहीं मिलता था ! किसानो के लिए जो कीटनासक दवायें बनतीं थीं उसमेँ कमी आती थी ! गाय का दूध नहीं मिलता था तो किसानोँ की शक्ति कम होती थी ! तो लगातार गाय के कत्ल होते चले जाने के कारण भारत की खेती का भी नाश होना शुरु हो गया और अंग्रेजो ने बहुत ही व्यवस्थित तरीके से इस देश मै कत्ल कारखानें खुलवाये !अंग्रेजो कि सरकार ने पुरे देश मै लगभग ३०० से ज्यादा कत्ल कारखाने खुलवाये ! जिनमे गाय और गौवंस का कत्ल किया जाता था ! हजारो कि संख्या मै लाखोँ कि संख्या मै गाय और गौवंश का कत्ल होता था






