सोमवार, 30 सितंबर 2019

भारत के गौरवशाली अतीत के सारे प्रतीकों को कैसे कैसे नष्ट किया जा रहा है धीरे धीरे महाभारत में विकृति चाणक्य सीरियल में भी विकृति मां शेरावाली को जगह बाघा वाली बनाया जा रहा है

   भारत की हमारी गौरवशाली अतीत के सारे प्रतीकों को कैसे कैसे नष्ट किया जा रहा है धीरे धीरे महाभारत में विकृति चाणक्य सीरियल में भी विकृति मां शेरावाली को जगह बाघा वाली बनाया जा रहा है
माँ_शेरावालिये_या_बाघावालिये। देश आज़ाद हुआ, राष्ट्रीय पशु के लिए किसी को सोचना नहीं पड़ा, सीधे शेर को चुन लिया। फिर राष्ट्रीय चिन्ह भी अशोक चक्र जिस में चार शेर हैं। बाकि विष्णु जी के अवतार नरसिंह भी शेर ही हैं। 1972 में राष्ट्रीय पशु शेर के स्थान पर बाघ को अपना लिया गया। वैसे बाघ भी अच्छा जानवर है मगर शेर के मुक़ाबले कहीं नहीं टिकता। तो बात ये है की राष्ट्रीय पशु शेर से बाघ हो गया, टीपू सुल्तान ने बाघ को अपने राज्य का प्रतीक बनाया, अपने झंडे में बाघ का चित्र लगाया। इस के अलावा शायद ही किसी राजा ने बाघ को राजप्रतीक बनाया हो। इस टीपू सुल्तान को सम्मान देने के लिए उस के वंशजों ने बाघ को राष्ट्र पशु घोषित कर दिया। 46 साल हो गए, मगर देश के किसी सरकारी ग़ैर सरकारी प्रतीकों में बाघ नहीं है। केवल RBI को छोड़ कर। RBI आज़ादी से पहले अंगरेजो ने बनाया था। पिछले साल 5 Oct को गिर में 23 शेरों को मौत हो गयी थी। अभी लास्ट जहाँ तक मेरे को याद है इस समय 2200 बाघ हैं और केवल 411 शेर, जिस में से 23 ये निपट गए थे। टाइगर रिज़र्व प्रोजेक्ट चलता है भारत में UN और वर्ल्ड बैंक की मदद से। इस को बोलते है ग़ुलामी नस नस में भर देना। जिस वस्तु से हिंदू धर्म जूड़े गा उस को मिटा दिया जाएगा। अब भारत के किसी प्रतीक में बाघ नहीं लगा पाए मगर........ पहला नवरात्रा है। ओ माँ शेरावाली, ओ माँ मेहरावली मेरी बिगड़ी तू बनादे, ओ माँ शेरावाली शेरावाली करती बेड़ा पार है, सबसे बड़ी मेरी मैया की सरकार है, अब इस में से शेर हटा दो बाघ लगा दो, टीपू सुल्तान का बाघ। ओ माँ बाघावाली, ओ माँ मेहरावली मेरी बिगड़ी तू बनादे, ओ माँ बाघावाली बाघावाली करती बेड़ा पार है, सबसे बड़ी मेरी मैया की सरकार है, 1972 से ये खेल चालू है आज माँ की फ़ोटो से शेर ग़ायब हो गया वहाँ बाघ आ गया। दुर्गा माँ का वाहन शेर है बाघ नहीं। 1972 के आस पास ही संतोषी माता प्रकट हुयी थी अमिताभ बच्चन की फ़िल्मों में, उस ही समय साई प्रकट हुए ऋषि कपूर की क़व्वाली में इस ही समय राष्ट्रीय पशु शेर से बाघ हुआ। टीपू सुल्तान का बाघ। आज दुर्गा माँ को भी बाघ में बैठा दिया। दुर्गा माँ संतोषी माँ नहीं है। जय माँ दुर्गा, जय माँ शेरावाली
 


  

सकल जगतमें हमारी सनातनकी धरोहरोंका उदगम कालसे परे है जो आप हुकुमने बताया । काल गणनाकी इतनी बारीकाईया किसीभी विज्ञान या संस्कृतिके...